विद्युत खण्‍ड

सदस्‍य (विद्युत) के पश्‍चात संगठनात्‍मक अनुक्रम में आगे मुख्‍य अभियन्‍ता आते हैं, जो अधीक्षण अभियन्‍ताओं / निदेशकों / वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ताओं / उप-निदेशकों तथा सहायक अभियन्‍ताओं के सहयोग से सम्‍बन्धित कार्यालय के मुखिया हैं । विद्युत खण्‍ड में निम्‍नलिखित मुख्‍य अभियन्‍ता हैं, उनका मुख्‍य अधिकार क्षेत्र / उत्‍तरदायित्‍व नीचे दी गई सूची अनुसार वर्णित है :

मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन) इंजी.  आर. एस.  लाम्‍बा
मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली) इंजी. वी के गुप्‍ता
मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन) इंजी. के के कौल



मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

CE/System Operation

ई. आर.एस. लाम्‍बा  ने 1 अगस्‍त, 2011 को मुख्‍य अभियन्‍ता/प्रणाली परिचालन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।  इनका जन्‍म 28 नवम्‍बर, 1954 को हुआ और इन्‍होंने 1977 में थापर इन्‍स्‍टीटयूट ऑफ इन्‍जीनियरिंग एण्‍ड टैक्‍नोलोजी, पटियाला से इलैक्‍ट्रीकल इंजीनियरिंग में स्‍नातक डिग्री ग्रहण की तथा इसी संस्‍थान से इन्‍होंने 1981 में एम.ई.(इलैक्ट्रीकल) की डिग्री प्राप्‍त की।

       इन्‍होंने 21.7.1978 को पंजाब राज्‍य बिजली बोर्ड में अप्रन्टिस इंजीनियर के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।  विभिन्‍न पदों पर निभाए गए उत्‍तरदायित्‍वों का विवरण निम्‍नानुसार है जी :-

28.12.78 to 03.07.80

सहायक अभियन्‍ता/पीएलसी (डिजाईन), पीएसईबी

04.07.80 to 18.04.81

सहायक अभियन्‍ता/कार्य-पारेषण प्रणाली संस्‍थान, पीएसईबी

21.08.81 to 20.03.86

सहायक अभियन्‍ता/सहायक कार्यकारी अभियन्‍ता, सब स्‍टेशन डिजाईन (ईएचवी), बीसीबी

21.03.86 to 02.11.95

सहायक कार्यकारी अभियन्‍ता/इलै‍क्‍ट्रीकल हाईडल डिजाईन संस्‍थान

03.11.95 to 25.02.00

बीबीएमबी के विभिन्‍न क्षेत्रों में सहायक निदेशक (सब स्‍टेशन डिजाईन, पीएलसी डिजाईन एण्‍ड पावर प्‍लांट डिजाईन

06.06.00 to 26.02.01

वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ता/सेन्‍ट्रल स्‍टोर, पीएसईबी, मोहाली

27.02.01 to 27.01.03

वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ता/डिजाईन (रंजीत सागर डैम, डिजाईन संस्‍थान)

28.01.03 to 04.01.05

वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ता (ऑपरेशन), एसएलडीसी कन्‍ट्रोल रूम, बीबीएमबी

05.01.05 to 06.08.07

वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ता/विद्युत नियंत्रन (विद्युत विनियम निदेशालय)

07.08.07 to 31.12.10

निदेशक/उप-मुख्‍य अभियन्‍ता (विद्युत विनियम)

       ई. आर.एस. लाम्‍बा का अधिकतर अनुभव योजना एवं रूपांकन तथा विद्युत विनियम पर केन्द्रित रहा है।  वह अपने चार वर्ष के निदेशक/मुख्‍य अभियंता (विद्युत विनियम), बीबीएमबी के कार्यकाल के दौरान उत्‍तर क्षे‍त्रीय विद्युत समिति (एन.आर.पी.सी.) की विभिन्‍न समितियों जैसा कि परिचालन समन्‍वय समिति, वाणिज्‍यक उप-समिति, युनिफाईड सिस्‍टम मोनिटरिंग ग्रुप, के सदस्‍य रह चुके हैं।  इन्‍हें सीईए/एन.आर.पी.सी. द्वारा ग्रिड से सम्‍बन्धित विभिन्न समितियों के सदस्‍य के रूप में समाविष्‍ट किया गया था।  वह टी.सी.सी. एवं एन.आर.पी.सी. की बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित हो रहे हैं।  वह भागीदार राज्‍यों, सी.ई.ए., पावर ग्रिड, एन.आर.एल.डी.सी., एन.आर.पी.सी. एवं सी.ई.आर.सी. से वांछित सूचनाएं प्राप्‍त करने, बीबीएमबी को प्रक्षेपी बनाने तथा बीबीएमबी के बेहतर हित में लक्ष्‍यों की प्राप्ति हेतु परस्‍पर मध्‍यस्‍थ रहें हैं।

       इन्‍हे इनके पैतृक विभाग (पीएसपीसीएल) ने 31.12.2010 को बतौर मुख्‍य अभियन्‍ता पदोन्‍न‍त करके बीबीएमबी की डिस्‍पोजल पर तैनात किया था।  निदेशक/विद्युत विनियम का पद, जिस पर वह पहले से ही कार्यरत्‍त थे, को दिनांक 31.12.2010 से मुख्‍य अभियन्‍ता/विद्युत विनियम के रूप में अपग्रेड कर दिया गया, जिस पर इन्‍होंने 31.7.2011 तक कार्य किया।  इन्‍होंने दिनांक 1.8.2011 को खाली हुए मुख्‍य अभियन्‍ता/प्रणाली परिचालन के पद पर कार्यभार ग्रहण किया और योजना एवं रूपांकन निदेशालय (पावर प्‍लांटस) एवं विद्युत विनियम निदेशालय, बीबीएमबी, चण्‍डीगढ़ के कार्य की देख-रेख कर रहे हैं।


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मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)
Chief Engineer/Transmission 

 ई. वी. के.  गुप्‍ता , ने मुख् अभियंता/पारेषण प्रणाली संगठन, भाखड़ा ब्यास प्रबन् बोर्ड (बीबीएमबी) का कार्यभार 5 जुलाई 2010 को ग्रहण किया।  दिनांक 17.06.1954 को जन्में, उन्होंने 1977 में बी.एस.सी. इंजीनियरिंग (इलैक्ट्रोनिक एण् कम्यूनिकेशन) ऑनर्स सहित, स्नातक की उपाधि प्राप् की तथा वर्ष 1977 में नैशनल इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियरिंग कुरूक्षेत्र से भारतीय संदर्भ में कम्प्यूटर नेटवर्क डिजाइन में शोध क्षेत्र सहित, एम.एस.सी. इंजीनियरिंग (इलैक्ट्रोनिक एण् कम्यूनिकेशन) की स्नोतकोत्तर उपाधि प्राप् की।  संक्षेप में उन्होंने वर्ष 1977 से 1980 तक एन.आई.टी. कुरूक्षेत्र में संकाय सदस् के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

                        बाद में उन्‍होंने 15.01.1980 को हरियाणा राज्‍य बिजली बोर्ड में प्रशिक्षण शिक्षु का कार्यभार ग्रहण किया।  उन्‍होंने बीबीएमबी में 11.08.1981 को उप मण्‍डल, टी/एल (400केवी) धूलकोट का कार्यभार संम्‍भाला।  बाद में अगस्‍त 1981 से अप्रैल 2001 तक बीबीएमबी के पारेषण खण्‍ड में विभिन्‍न पदों पर बतौर उप मण्‍डल अधिकारी जैसे एस एण्‍ड टी, जमालपुर, उप मण्‍डल अधिकारी, टी/एल, जमालपुर, उप मण्‍डल अधिकारी, ए एण्‍ड ए, जमालपुर आदि पर काम किया।  23.04.2001 को उनकी वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियंता पद पर पदोन्‍नति हुई तथा अप्रैल 2001 से नवम्‍बर 2007 तक बीबीएमबी के पारेषण संगठन में विभिन्‍न पदों जैसे वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियंता, परिचालन एवं अनुरक्षण मण्‍डल, बीबीएमबी, जमालपुर, वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियंता/तकनीकी, जमालपुर आदि पदों पर कार्य किया।   उन्‍होंने नवम्‍बर 2007 में अधीक्षण अभियंता, परिचालन एवं अनुरक्षण मण्‍डल का पदभार सम्‍भाला तथा जनवरी 2008 से जुलाई 2010 तक बतौर अधीक्षण अभियंता, परिचालन एवं अनुरक्षण परिमण्‍डल, जमालपुर कार्य किया।  उनके कार्यकाल के दौरान 220केवी उपकेन्‍द्र, जमालपुर के परिचालन एवं अनुरक्षण के विभिन्‍न पहलूओं में उन्‍होंने अपना योगदान दिया। उनके प्रशासनिक नियंत्रणाधीन 66केवी उपकेन्‍द्र पी.जी.आई. तथा सैक्‍टर-56 चालू किए गए।  उन्‍होंने जुलाई 2010 में मुख्‍य अभियंता/पारेषण प्रणाली संगठन पद का कार्यभार सम्‍भाला तथा फिलहाल परिचालन एवं अनुरक्षण परिमण्‍डल, पानीपत, जमालपुर तथा भिवानी तथा संरक्षण एवं संचार निदेशालय का प्रशासनिक नियंत्रण कर रहे हैं।  वे CIGRE के सक्रिय सदस्‍य हैं तथा हाल ही में उन्‍होंने अगस्‍त 2010 में CIGRE द्वारा लार्ज इलैक्‍ट्रीक सिस्‍टम पर पेरिस में आयोजित अन्‍तर्राष्‍ट्रीय सम्‍मे‍लन में भाग लिया ।

 

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मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)

ई.  के  के कौल ने दिनांक 01.03.2011 को मुख्‍य अभियंता/उत्‍पादन, बीबीएमबी, नंगल के पद पर कार्यभार ग्रहण किया । 31 दिसंबर 1955 को जन्‍मे ई0 कौल ने 1975 में पंजाब इंजीनियरिंग महाविद्यालय, चंडीगढ़ से इलैक्‍ट्रीकल इंजीनियरिंग में स्‍नातक व 1977 में आई.आई.टी., खड़गपुर से इलैक्‍ट्रीकल मशीन में स्‍नातकोत्‍तर डिग्री प्राप्‍त की । उन्‍होंने पंजाब राज्‍य बिजली बोर्ड वर्ममान में पंजाब राज्‍य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में प्रशिक्षु इंजीनियर के पद पर कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व लगभग एक वर्ष तक थापर इंजीनियरिंग व तकनीकी संस्‍थान, पटियाला के इलैक्‍ट्रीकल इंजीनियरिंग विभाग में बतौर सहायक प्रोफैसर के रूप में अध्‍यापन कार्य किया । तत्‍पश्‍चात उन्‍हें डिस्‍ट्रीब्‍यूशन उप-मण्‍डल, लालड़ू में बतौर उपमण्‍डल अधिकारी तैनात किया गयाजहां वे साढ़े तीन वर्ष तक लोक व्‍यवहार सेवा हेतु नियुक्‍त रहे । इसके पश्‍चात उनका मुख्‍य सेवाकाल गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्‍लांट, रोपड़ रहा जहां उन्‍होंने जुलाई 1982 से सितंबर 2010 तक एक साल की पी ई टी एस (पॉवर इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण सोसायटी) नवेली में प्रशिक्षण अवधि को छोड़कर सहायक अभियंता सेउप मुख्‍य अभियंता तक विभिन्‍न पदों पर विभिन्‍न क्षेत्रों यथा इलैक्‍ट्रीकल के ऑपरेशन व मेंटीनैंस, मकैनिकल एवं इंस्‍ट्रयूमैंटेशन अनुभागों में अपनी सेवाएं प्रदान की ।  उनके पैतृक विभाग अर्थात पीएसपीसीएल द्वारा उनकी मुख्‍य अभियंता के रूप में पदोन्‍नति के पश्‍चात इन्‍होंने मुख्‍य अभियंता, वितरण (डिस्‍ट्रीब्‍यूशन), पटियाला एवं मुख्‍य अभियंता व अध्‍यक्ष फोरम फॉर रिड्रैसल ऑफ कंस्‍यूमर ग्रीवैंसेस, पटियाला में 1.3.2011 को बीबीएमबी में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व संक्षिप्‍त अवधि के लिए सेवाएं प्रदान की । वर्तमान में वे बीबीएमबी में भाखड़ा, गंगुवाल, कोटला, पौंग एवं देहर स्थित सभी छ: विद्युत संयंत्रों की 28 मशीनों जिनकी कुल स्‍थापित क्षमता 2864.73 मैगावाट है के संचालन (ऑपरेशन) एवं अनुरक्षण (मेंटीनैंस) का कार्य देख रहे हैं ।

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