| अध्यक्ष | |
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श्री
ए.बी.
अग्रवाल,
कार्यकारी निदेशक,
एनएचपीसी लिमिटेड
ने भाखड़ा
ब्यास
प्रबन्ध बोर्ड
के
अध्यक्ष के
रुप में
19.3.2010 को
पदभार
ग्रहण किया।
श्री अग्रवाल
'प्रथम
श्रेणी में
प्रथम'
मेकैनिकल इंजीनियरिंग स्नातक
हैं और
वित्त में
एमबीए हैं।
ये एक
बहुमुखी जल-विद्युत व्यवसायी
हैं और
इन्हें
एनएचपीसी लिमिटेड
में विभिन्न
पदों पर
31वर्ष
से अधिक
अवधि का
अनुभव
प्राप्त है।
एनएचपीसी
जल विद्युत
विकास के
क्षेत्र में
एक सर्वाधिक
प्रतिष्ठित
केन्द्रीय सार्वजनिक
क्षेत्र
का उपक्रम
है और
परियोजना की
संकल्पना
से लेकर
उसे चालू
करने तक
तथा विद्युत
केन्द्रों के
प्रचालन
एवं अनुरक्षण
में सक्षम
है। देश
में सबसे
बड़ी निर्माणाधीन
जल विद्युत
परियोजना 2000
मेगावाट सुबनसिरी
लोअर जल
विद्युत
परियोजना का
नेतृत्व
करते हुए
इन्होंने अपनी
डायॅनामिक, सामाजिक नेटवर्किंग तथा
नेतृत्व क्षमताओं
द्वारा
जल विद्युत
निर्माण के
नए मानक
स्थापित
करने में
सहायता की
है। ये
एनएचपीसी के
सबसे बड़े
विद्युत
केन्द्र जम्मू-कश्मीर के
690 मेगावाट
सलाल विद्युत
केन्द्र के
प्रभारी
रहे हैं, जो
देश में
प्रचालित सर्वाधिक
गाद-ग्रस्त संयंत्र
है। इनकी
इनोवेटिव एवं
मूल्य-प्रभावी पहल
इस विद्युत
केन्द्र
को उस
समय के
सभी केन्द्रीय
क्षेत्र के
विद्युत
केन्द्रों में
प्रति
मेगावाट प्रचालन
एवं अनुरक्षण
लागत के
मामले
में सर्वाधिक
किफायती जल
विद्युत
केन्द्र बनाने
में सहायक
रही। संकट
ग्रस्त
105 मेगावाट
लोकटक विद्युत
केन्द्र (मणिपुर)
और 390
मेगावाट दुलहस्ती
विद्युत
केन्द्र (जम्मू-कश्मीर)
में भी
इनका कार्यनिष्पादन
अत्यन्त उल्लेखनीय
रहा है।
जल विद्युत
विकास
के सभी
सहायक कार्यों
जैसे वाणिज्यिक, संविदाओं, गुणवत्ता
प्रत्याभूति एवं
निरीक्षण, अनुसंधान एवं
विकास
तथा निर्माण
उपकरण योजना
में इन्हें
व्यापक अनुभव
प्राप्त है।
इनके पिछले
कार्य
में इनके
समक्ष कई
चुनौतियां थीं
क्योंकि
ये मानव
संसाधन प्रबंध, कार्पोरेट
कम्यूनिकेशन,
चिकित्सा सेवाएं,
राजभाषा तथा
संपदा
एवं सुविधा
प्रबंध सेवाएं, आदि
के प्रमुख
थे। इनके
कार्यकाल के
दौरान
सुसंगठित प्रचार
अभियान
के कारण, एनएचपीसी
का आईपीओ
24 गुणा
अधिक सब्सक्राइब
हुआ था।
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सदस्य (विद्युत) |
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इंजी
अशोक थापर
को भारत सरकार
द्वारा बीबीएमबी
में सदस्य, विद्युत
के रूप में नियुक्त
किया गया है।
इन्होंने अपने नए
पद पर दिनांक 21.2.2011
को कार्यभार संभाला।
श्री थापर
इलैक्ट्रॉनिक्स
एण्ड कम्यूनिकेशन
इंजीनियरिंग में
स्नातक हैं और इनका
विद्युत क्षेत्र
के विभिन्न पहलुओं
जैसे पंजाब राज्य
बिजली बोर्ड (पं.रा.बि.बोर्ड
अब पंजाब राज्य
विद्युत निगम
लिमिटेड) के लार्ज
फॉसिल फायर्ड
थर्मल पावर
परियोजनाओं तथा
भाखड़ा ब्यास
प्रबन्ध बोर्ड की
मीडियम टू लार्ज जल
विद्युत
परियोजनाओं की
प्लानिंग, डिज़ाइन,
निर्माण, परीक्षण,
आरम्भ करने तथा उनका
परिचालन और
अनुरक्षण करने का 34
वर्षों का गहन
अनुभव है। |
| वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी | |
![]() |
श्रीमति पूनम चौधरी ने 2 जून, 2010 को वित्तीय सलाहकार एंव मुख्य लेखाधिकारी का कार्यभार संभाला । इनका जन्म 15 फरवरी, 1971 को हुआ और इन्होंने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से भूगोल में एम.ए.एंव एम.फिल. की शिक्षा पूरी करने के बाद 4 सितम्बर,1995 को भारतीय लेखा परीक्षा एंव लेखा सेवा अधिकारी के तौर पर कार्यभार ग्रहण किया । भारतीय लेखा-परीक्षा एंव लेखा विभाग में ये वर्ष 1997 से 2007 के बीच हरियाणा, महाराष्ट्र, नई दिल्ली एंव गुजरात महालेखाकार के कार्यालयों में उप महालेखाकार व वरिष्ठ उप महालेखाकार के पदों पर कार्यरत रहीं । इस दौरान इन्होंने पैंशन, प्रशासन प्रभार, Home, Social, Justice & Empowerment, Human Resources Development जैसे मंत्रालयों की लेखा परीक्षा, प्राप्ति लेखा परीक्षा आदि क्षेत्रों के कार्यभार को संभाला । इन्होनें वर्ष 2007 से 2010 तक सेना के पश्चिमी एंव दक्षिण पश्चिमी कमानों के लेखा परीक्षा संबंधित कार्यों को स्वतंत्र रूप से निदेशक, लेखा परीक्षा के रूप में संभाला। इस दौरान कुछ समय के लिए ये भारतीय खाद्य संगठन के पंजाब, हरियाणा, हिमाचलप्रदेश एंव जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रीय कार्यालयों की Sole Auditor के तौर पर भी कार्यरत रहीं । ये कई अर्न्तराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में विजिटिंग फैकल्टी भी रही हैं । इन्हें अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर लेखा परीक्षा का अनुभव प्राप्त है तथा इन्होंनें वर्ष 2004 तथा पुन: वर्ष 2005 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के लेखाओं की लेखा परीक्षा की। |
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सचिव |
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इंजी.एच.के.गुप्ता
ने
10 जुलाई, 2009
को सचिव,
भाखड़ा
ब्यास
प्रबन्ध
बोर्ड
का
कार्यभार
संभाला।
इससे
पूर्व
ये
हरियाणा
सिंचाई
विभाग
में
अधीक्षण
अभियन्ता
का
कार्यभार
संभाले
हुए थे। |
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विशेष सचिव |
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इंजी.
एस.के. शर्मा ने
दिनांक 3.6.2008 को बीबीएमबी
में विशेष
सचिव का पद
ग्रहण किया।
उन्होंने
पंजाब
इंजीनियरिंग
कॉलेज, चण्डीगढ़
से बी.एससी.इंजीनियरिंग
(इलेक्ट्रिकल)
एवं एम.एससी.इंजीनियरिंग
(पावर
सिस्टम) और डीएमईटी
मुम्बई से
मैरीन
इंजीनियरिंग
की शिक्षा
प्राप्त की
है। मरचेंट
नेवी में तीन
वर्ष तक सेवा
करने के बाद
उन्होंने 1983 में
एचपीएसईबी
में सहायक
अभियन्ता का
पद ग्रहण किया।
अपने 25 वर्ष के
कार्यकाल में
उन्होंने
एचपीएसईबी, एसजेवीएनएल
और बीबीएमबी
में बिजली घर
तथा उप
केन्द्र
डिज़ाइन, सुरक्षा
एवं परीक्षण
विभागों में
कार्य किया
है। वर्तमान
नियुक्ति से
पहले वे
एचपीएसईबी
में निदेशक (पीआर
एण्ड सीईआरसी)
के रूप
में कार्यरत
थे। बोर्ड के
विशेष सचिव
के रूप में, वे
वर्तमान में
विद्युत खण्ड
तथा स्थापना
एवं कार्य से
संबंिधत नीति
निर्देशों के
कार्य निपटाने
में अध्यक्ष, बीबीएमबी
की सहायता कर
रहे हैं।
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