आनन्‍दपुर साहिब

  • आनन्‍दपुर साहिब के बारे में

    Anandpur Sahib पृष्‍ठपट में नैनादेवी की पहाडि़यों के साथ, आनन्‍दपुर साहिब (आनन्‍द स्‍थान) एक महत्‍वपूर्ण सिक्‍ख धार्मिक केन्‍द्र है। इसमें कई ऐतिहासयिक गुरूद्वारे हैं। यही पर दसवें सिक्‍ख गुरू, श्री गुरू गोबिन्‍द सिहं को बपतिस्‍में (नामकरण संस्‍कार) का नया रूप दिया तथा सिक्‍खों को पवित्र नाम खालसा-दिया गया।

    आनन्‍दपुर साहिब सिक्‍खों के पांच अति महत्‍वपूर्ण तीर्थ स्‍थलों में से एक है। यह करबा मखोवाल नामक एक प्राचीन स्‍थल के खण्‍डहरों के समीप नौवे सिक्‍ख गुरू तेग बहादुर जी द्वारा 1665 में स्‍थापित किया गया था। श्री गुरू गोबिन्‍द सिहं जी ने अपने जीवन के लगभग 25 वर्ष वहां बिताएं। प्रति वर्ष हजारों लोग होला मौहल्‍ला के अवसर पर यहां एकत्रित होते हैं।

  • कैसे पंहुचें

    • नजदीकी एयर पोर्ट चण्‍डीगढ है। (85 कि.मी.)
    • आनन्‍दपुर साहिब रेल द्वारा अम्‍बाला के साथ जुड़ा है। (139कि.मी.)
    • यह चण्‍डीगढ़-नंगल सड़क पर रोपड़ से लगभग 41 कि.मी. की देरी पर सतलुज नदी के बाएं किनारे पर स्थित है।
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